kavi sansar sahitya
सदा के लिए बना, विचारों का समुंदर,
हिंदी का कवि संसार, सहित्य की पूर्णिमा यहां। शब्दों की छांव में खिलता नव जीवन, कविता की गहराइयों से जगत को प्रणाम।
विचारों का संगम, भावों की अविरामता, काव्य के सागर में सरस कवि का प्रतीक। जग में फैलता है उमंग की मिठास, कविता की रचनाओं में निहित है प्रगास।
प्रेम की पंक्तियों से बहता है सौंधी धारा, ज्ञान की रेखाएं सारे जग को आधार। साहित्य की रचनाओं में छिपा है नव जीवन, हिंदी के कवि संसार में सुनें स्वर अनमन।
कवि संसार सहित्य का है आधार, भावनाओं का स्वर, रचनाओं की बहार। जीवन की सत्यता, सुंदरता का उजियार, कविता के मंडन में प्रगट हो संसार।
कोई टिप्पणी नहीं
नई टिप्पणियों की अनुमति नहीं है.