पहली कविता

 धरती की गोद में, जीवन की लोच में,

छोटी सी दुनिया में, एक छोटी सी कविता। उठाओ अपनी आवाज़, लिखो सूरज की किरणों से, साझा करो ख्वाबों को, पहुंचाओ उन्मुक्ता।

बुलंद करो विचारों को, नए रंग भरो संसार में, कहो वो बातें जो सपनों में बंदी हैं अभी। प्रेम की पंक्तियों से सजाओ, नई कविता गाओ, जीवन की सुंदरता को दिखाओ, चमकाओ अनबन।

हर अक्षर अलग निर्माण करे, भावनाओं की धारा से, ज्ञान के समुन्दर में तैरे, रचनाओं के पार जाओ। कविता है तुम्हारी आत्मा की छाप, लिखो वो लाइनें जो तन में दबी हैं सप्तरंग।

अपनी पहली कविता, एक स्वप्न की कहानी, वो उड़ान जो देगी तुम्हें पहचान नई। कविता की दुनिया में खो जाओ, खुद को पाओ, तुम भी बन जाओ एक कवि, आओ लिखो नयी कहानी।

"जीपीटी "

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